
खेतिया |( रविन्द्र सोनिस कि खबर ) जून माह समाप्ति की ओर है, लेकिन क्षेत्र में मानसून अब तक सक्रिय नहीं हो पाया है। समय पर बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में मक्का, कपास सहित अन्य खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है, लेकिन वर्षा नहीं होने के कारण बीज सूखी मिट्टी में ही पड़े हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्षेत्र के किसान लाला सोनिस, तुकाराम और संतोष चौधरी ने बताया कि हर वर्ष मौसम की स्थिति को देखते हुए जून माह में ही खरीफ फसलों की बुआई कर दी जाती है। इस बार भी उन्होंने मक्का सहित अन्य फसलों की सूखी बोनी की है, लेकिन बारिश नहीं होने से बीज अंकुरित नहीं हो पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हो जाती है तो फसल बच सकती है, अन्यथा दोबारा बुआई की नौबत आ सकती है।
किसान प्रदीप गुंजाल ने बताया कि इस बार मानसून लगभग 15 से 20 दिन देरी से चल रहा है। पिछले वर्ष समय पर वर्षा होने से किसानों ने अच्छी बुआई कर ली थी और फसल उत्पादन भी बेहतर रहा था, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत बनी हुई है। खेतों में महंगे बीज और उर्वरकों का उपयोग कर बोआई कर दी गई है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं।
मानसून की बेरुखी और भीषण गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खाद-बीज खरीदे हैं और खेत तैयार कर बुआई की है। अब किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत और निवेश पर पानी न फिर जाए।
