
बड़वानी। ( रविन्द्र सोनिस कि खबर ) 16 जुलाई 2026/गरीबों के हक के राशन में कथित गड़बड़ी करने वाले आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित मेणीमाता द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान बोरी ग्राम सामरखेड़ा के प्रबंधक और विक्रेता को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। बहुचर्चित राशन वितरण अनियमितता प्रकरण में न्यायालय ने पाया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न के वितरण एवं स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं।मामले के अनुसार जांच के दौरान दुकान के पीओएस रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के सत्यापन में गेहूं एवं चावल की बड़ी मात्रा कम पाई गई थी। शिकायतों और जांच के बाद प्रबंधक लालसिंह चौहान तथा विक्रेता राजू अलावे के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं आपराधिक न्यास भंग के आरोपों में प्रकरण दर्ज किया गया था।विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने तकनिकी, दस्तावेजी साक्ष्य एवं गवाहों के माध्यम से आरोप सिद्ध किए। विशेष न्यायाधीश श्रीमान एल. डी. सोलंकी बड़वानी द्वारा 16 जुलाई को दोनों आरोपियों को 4-4 वर्ष के कठोर कारावास तथा 25-25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यदि ऐसे मामलों में उदारता बरती जाए तो समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के लिए भेजे गए राशन में अनियमितता जनहित के विरुद्ध गंभीर अपराध है। इस फैसले को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ा संदेश है।प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री जगदीश यादव द्वारा की गई।
