नागलवाड़ी शिखरधाम में नागपंचमी पर्व के मद्देनजर कलेक्टर एवं एसपी ने बाबा भीलट देव के दर्शन कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा।

बड़वानी । ( प्रधान संपादक रविन्द्र सोनिस खेतिया ) कंट्रोल रूम, पार्किंग, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्थाओं का किया विस्तृत निरीक्षण, 3 दिवसीय मेले में 60 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट; अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, नागपंचमी पर्व के दृष्टिगत कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह एवं पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने प्रसिद्ध नागलवाड़ी शिखरधाम पहुँचकर बाबा भीलट देव के दर्शन किए। इस दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम, मेले में श्रद्धालुओं की सुगम दर्शन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का गहन निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रसिद्ध नागलवाड़ी शिखरधाम मध्य प्रदेश की सतपुड़ा की हरी-भरी पर्वत श्रृंखलाओं में बड़वानी जिले में बसा नागलवाड़ी एक अत्यंत मनोरम, शांत और धार्मिक महत्व का स्थल है। यहाँ की ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित प्रसिद्ध श्री भीलट देव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ विशेष रूप से नागपंचमी के अवसर पर दोनों राज्यों से भारी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं। प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम घाटियों और आध्यात्मिक वातावरण का यह अनूठा संगम न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है, बल्कि निमाड़ अंचल में धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाता है।

इस वर्ष 3 दिवसीय नागलवाड़ी मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत 60 घंटे निरंतर मंदिर के पट खुले रहेंगे। 15 अगस्त से आज दोपहर 2:30 बजे तक लगभग 3 लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। मुख्य पर्व (मंगलवार) होने के कारण 50 हजार से अधिक अतिरिक्त श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान सुनिश्चित की गईं प्रमुख व्यवस्थाएं:

1.सुरक्षा एवं तकनीक आधारित निगरानी: संपूर्ण मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी एवं होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर नज़र रखने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी (CCTV) एवं ड्रोन कैमरों से निरंतर निगरानी की जा रही है।

2.सुगम दर्शन व भीड़ प्रबंधन: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश एवं निकास के पृथक-पृथक (एकतरफा) मार्ग बनाए गए हैं। लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग और लेन सिस्टम के माध्यम से लाइनबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति के लिए वैकल्पिक निकास मार्ग भी चिह्नित किए गए हैं।

3.यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था:• वाहनों के सुगम संचालन हेतु 05 स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।• श्रद्धालुओं को मंदिर के समीप तक पहुँचाने के लिए 3 स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाए गए हैं, जहाँ से वाहनों को सीधे निर्धारित पार्किंग की ओर भेजा जाएगा।

4. पर्व के दौरान मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्जन (बायपास व्यवस्था) लागू रहेगा। किसी भी वाहन के फंसने या दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए क्रेन (चालक सहित) तैनात रहेगी।

5. नागरिक सुविधाएं एवं स्वास्थ्य सेवाएं: मेला परिसर में स्वच्छ पेयजल, चलित शौचालय, कंट्रोल रूम, लाउडस्पीकर द्वारा सूचना प्रसारण प्रणाली तथा निरंतर साफ-सफाई हेतु नगर पंचायत की विशेष टीमें लगाई गई हैं। आपातकालीन चिकित्सा हेतु एम्बुलेंस एवं मेडिकल टीम 24 घंटे तैनात रहेगी।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद:निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीएम राजपुर कुमार सानू देवडिया, डिप्टी कलेक्टर आकाश यादव, एसडीओपी सेंधवा अजय वाघमारे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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